Thursday, 22 October, 2020

Ayodhya Singh Upadhyay Poem in Hindi PDF Free Download


Ayodhya Singh Upadhyay Poem in Hindi PDF

Ayodhya Prasad Upadhyay Poem in Hindi PDF Mitron Is Post Me Ayodhya Singh Upadhyay Hariaudh Ki Poems Di Gayi Hain. AAP Inhe Neeche Ki Link Se Free Download Kar Sakate Hain.

 

 

 

1- पारिजात 

 

2-प्रिय – प्रवास

 

 

हरिऔध जी हिंदी साहित्य जगत के सिरमौर थे। उन्होंने ऐसी रचनाओं को गति प्रदान की कि उन्हें हिंदी साहित्य का सिरमौर कहना भी लघुतम प्रतीत होता है। जिस आकाश में असंख्य नक्षत्रो के समूह अपने प्रकाश से चन्द्रमा को प्रभावित नहीं कर सकते और चन्द्रमा चमकता ही रहता है।

 

 

 

 

 

उसी तरह हरिऔध जी पूर्णमासी का चांद बनकर हिंदी साहित्य के अंबर में सदैव ही अपनी रचना की आभा से उदीयमान होते रहेंगे। अयोध्या सिंह उपाध्याय हरिऔध का जन्म 15 अप्रैल 1865 को हुआ था।

 

 

 

 

 

लेकिन इस महान कवि के जीवन का एक स्याह अध्याय है। जिस कवि को पूरा हिंदी साहित्य जगत नमन करता है उसे ही उनके पट्टीदारों द्वारा उनकी ‘स्मृति’ को मिटाने का प्रयास किया गया जो कि अति दुःखद है।

 

 

 

 

 

इन्होने कड़ी बोली में अपना पहला काव्य लिखा वह कई खंडो वाला महाकाव्य है। जो ‘प्रिय-प्रवास’ के कविता रूप में रचा गया है। ‘प्रिय-प्रवास’ के अतिरिक्त इन्होने बैदेही बनवास और ‘पारिजात’ नामक दो प्रबंध काव्य हिंदी साहित्य को दिए।

 

 

 

 

 

उसके अलावा ‘प्रद्युम्न विजय’ और ‘रुक्मिणी परिणय’ में अपने नाट्य लेखन का अद्भुत परिचय दिया है। इनके लेखन का परिचय इनके लिखे हुए उपन्यास से भी होता है।

 

 

 

 

इनके द्वारा कई मुक्तक लिखे गए जिनमे हरिऔध सतसई ‘चोखे चौपदे’ और ‘बोलचाल’ मुक्तक प्रमुख है। 16 मार्च 1947  को यह हिंदी जगत का चमकता सितारा सदा के लिए अस्त हो गया।

 

 

 

 

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